यूरिक एसिड की रामबाण दवा | यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए (सम्पूर्ण जानकारी व उपाय)

यूरिक एसिड की रामबाण दवा यूरिक एसिड का घरेलू इलाज यूरिक एसिड में नींबू यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए यूरिक एसिड में बादाम खाना चाहिए यूरिक एसिड में चावल खाना चाहिए या नहीं यूरिक एसिड में चना खाना चाहिए या नहीं यूरिक एसिड में दूध पीना चाहिए कि नही  Uric Acid In Hindi Uric Acid Kya Hota Hai

 आजकल बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से, हर तीसरा व्यक्ति यूरिक एसिड की समस्या से ग्रसित है। जिसकी वजह से, उन्हें अनेकों समस्याओं व रोगों का सामना करना पड़ता है। यूरिक एसिड हमारे शरीर में बनने वाला, एक तरीके का टॉक्सिन होता है। जिसे हमारी किडनी फिल्टर करती है। फिर इसे शरीर से बाहर निकाल देती है। 

    हमारी खराब डाइट, तेजी से बढ़ता वजन, डायबिटीज, ज्यादा अल्कोहल लेना। यह सब कुछ यूरिक एसिड बढ़ने के कारण हैं। अगर यह हमारे शरीर मे बढ़ता है। तो हमारे शरीर के जोड़ों में, असहनीय दर्द होता है। इसका एक कारगर उपाय है कि हमें अपनी डाइट को सही रखना चाहिए। ताकि यूरिक एसिड को, हमेशा काबू में रखा जाए। 

        हमारे शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ जाना। आज एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। जिसकी वजह से, आज अक्सर  लोगों को गठिया, जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस की परेशानी हो रही है। अगर यूरिक एसिड बहुत ज्यादा बढ़ जाए। तो  इससे गठिया और जोड़ों में दर्द के अलावा, हार्ट डिजीज, हाइपरटेंशन और किडनी स्टोन जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

      इसलिए यूरिक एसिड के स्तर को, कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है। यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए, सबसे जरूरी है। आप अपने लाइफस्टाइल व डाइट में कुछ बदलाव करें। इसके साथ ही कुछ आयुर्वेदिक उपचारों का भी प्रयोग करें।

यूरिक एसिड की रामबाण दवा

यूरिक एसिड क्या है
Uric Acid In Hindi

  यूरिक एसिड एक अवशिष्ट पदार्थ होता है। जब हम खाना खाते हैं। तो वह पचता है। उसका डाइजेशन होता है। इस दौरान बहुत सारे पोषक तत्व भोजन से अलग हो जाते हैं। वही waste product भी अलग हो जाते है। जब पूरे बॉडी का मेटाबॉलिज्म खत्म हो जाता है। इसके बाद सबसे आखरी में यूरिक एसिड तैयार होता है।

     फिर हमारी किडनी, इन waste product को filter करके, शरीर से बाहर  यूरिन के द्वारा निकाल देती है। अगर हमारी किडनी की कार्यप्रणाली सामान्य नहीं है, या अन्य किन्हीं कारणों से, किडनी इन अवशिष्ट को बाहर नहीं निकल पाती है। दूसरे अगर हमारी बॉडी में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बनता है। तो भी किडनी इतनी मात्रा में filter नहीं कर पाती है।

      तब भी हमारे शरीर में यूरिक एसिड बढ़ सकता है। फिर यह  यूरिक एसिड, हमारे शरीर के जोड़ों में जमने लगता है। इसके बाद व्यक्ति को जोड़ों में दर्द की समस्या, पैरों में जलन की समस्या, व्यक्ति के उठने-बैठने या अपने बॉडी पार्ट को हिलाने में दर्द महसूस होता है।

यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने का उपाय

  यूरिक एसिड का बढ़ना, हमारे लाइफस्टाइल व खानपान पर निर्भर करता है। अगर यूरिक एसिड बढ़ जाए, तो यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए हमें इस पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। आप अपने यूरिक एसिड को, अपने आहार से नियंत्रित कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी शरीर में यूरिक एसिड का संतुलन कभी न बिगड़े।

      आप बढें हुए यूरिक एसिड को जड़ से खत्म कर पाए। तो इसके लिए हमें अपनी लाइफस्टाइल में, क्या बदलाव करने चाहिए। हम जानने की कोशिश करेंगे कि ऐसे कौन से आहार हैं। जिन्हें आपको खाना चाहिए और कौन से ऐसे आहार हैं। जिन्हें आपको बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। जिससे आपका यूरिक एसिड बढें। आप अपने बड़े हुए यूरिक एसिड की समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए

    शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ जाना। बहुत सी समस्याओं को उत्पन्न करता है। इससे हमारे शरीर के बहुत से अंग प्रभावित होते हैं। इसे हम अपने खानपान में सुधार करके, ठीक रख सकते हैं। जानते हैं कि हमें यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने व नियंत्रित रखने के लिए, किन चीजों का सेवन करना चाहिए।

1. अधिकाधिक पानी का सेवन – यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखने का सबसे अच्छा उपाय पानी है। पानी हमारे यूरिक एसिड को पतला करता है। यह किडनी को उत्तेजित करता है। जिसके कारण यूरिक एसिड पेशाब के द्वारा बाहर निकल जाता है। इसके तहत अगर, आप सुबह गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीते हैं। तो यह यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है।

2. चेरी के जूस का सेवन – ब्लैक चेरी और चेरी का जूस, यूरिक एसिड से होने वाले गठिया या किडनी स्टोन की समस्या  के लिए अच्छा माना जाता है। ब्लैक चेरी यूरिक एसिड के सीरम स्तर को कम करके, जोड़ों और किडनी से क्रिस्टल को दूर करने में मदद करता है। इसमें antioxidant और anti-inflammatory गुण भी होते हैं। जो यूरिक एसिड को कम करने में मदद करते हैं।

3. खाने में जैतून के तेल का प्रयोग – जैतून के तेल में बना खाना, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ई की भरपूर मात्रा होती है। जो यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती है। इसलिए सलाद में भी जैतून के तेल को ऊपर से डालकर प्रयोग करें। यह आपके लिए, बहुत ही फायदेमंद होगा।

4. रंग-बिरंगी सब्जियों का सेवन – अगर आप अपने यूरिक एसिड के स्तर को हमेशा नियंत्रित रखना चाहते हैं। तो आप अपने भोजन में हमेशा आलू, मटर, मशरूम, ब्रोकली, लाल शिमला मिर्च, बैंगन और हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करें। इसकी वजह से, आपके यूरिक एसिड का स्तर हमेशा सामान्य रहेगा।

5. अनाजों का सेवन – सब्जियों के अलावा सभी प्रकार के अनाज व दालें जैसे मसूर की दाल, बीन्स, सोयाबीन, ओट्स, ब्राउन राइस,  और जो का सेवन करने से भी, यूरिक एसिड का स्तर हमेशा नियंत्रित रहता है।

6. सेब के सिरके का सेवन – सेब का सिरका पीने से भी, यूरिक एसिड नियंत्रित रहता है। रोजाना दो चम्मच सेब का सिरका, एक गिलास पानी में मिलाकर, दिन में तीन बार पीना चाहिए। इसको पीने से, कुछ ही दिनों में आपको इसका फर्क दिखाई देने लगेगा।

7. विटामिन सी युक्त फलों का सेवन – प्रचुर मात्रा में विटामिन सी वाले फल जैसे आंवला, संतरा, मौसमी, अनन्नास और अमरूद आदि खाने से यूरिक एसिड के स्तर में गिरावट आती है। इसलिए शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने के लिए,  रोजाना अपनी डाइट में, विटामिन सी से युक्त फलों का सेवन करें। इससे एक-दो महीने में ही, यूरिक एसिड काफी कम हो जाएगा।

8. कच्ची सब्जियों के जूस का सेवन – यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए, गाजर और चुकंदर के जूस को पीना भी काफी फायदेमंद माना जाता है। वास्तव में इसका जूस पीने से शरीर में pH लेवल बढ़ता है। साथ ही यूरिक एसिड भी कम होता है।

9. फाइबर युक्त चीजों का सेवन – फाइबर से युक्त चीजें जैसे मक्का और सूखे मेवे खाने से भी यूरिक एसिड नियंत्रित रहता है। इसलिए यह सुबह-सवेरे ड्राई फ्रूट खाने की आदत डालें।

10. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजों का सेवन- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीजें जैसे अंगूर, किसमिस, ब्लूबेरी, अखरोट और राजमा आदि का सेवन भी करते रहें। क्योंकि जो चीजें एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। वह यूरिक एसिड की मात्रा को, नियंत्रित करने में बहुत कारगर होती है। इनका सेवन अवश्य करते रहें।

यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए

    हमारे भोज्य पदार्थों में कुछ, ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं। जिनके खाने से हमारे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। हम जब खाने में प्यूरिन से युक्त खाद्य पदार्थों को खाते हैं। तो उसका डाइजेशन होकर, अंतिम प्रोडक्ट यूरिक एसिड ही बनता है। हालांकि हर एक खाध्य पदार्थ के बाद, हमारे शरीर में यूरिक एसिड बनता है। जिसे हमारी किडनी फिल्टर करके, शरीर से बाहर निकाल देती है। तो जानते हैं, किन खाद्य पदार्थों को हमें नहीं खाना चाहिए।

1. उच्च प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों से बचें-       आपको बहुत हाई प्रोटीन वाली डाइट नहीं खानी चाहिए। जैसे- फिश, चिकन, रेड मीट। यानिकि किसी भी प्रकार का नॉनवेज खाने से बचें। इसमें ऑर्गन मीट, सूअर के मीट को खाने से भी बचना चाहिए। आपको सीफूड नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इसमें प्यूरिन की मात्रा बहुत अधिक होती है। 

      आपको मूंगफली, बादाम और काजू से भी परहेज करना चाहिए। क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में फास्फोरस पाया जाता है। फास्फोरस और सल्फर की उच्च मात्रा होने के कारण, हमारे शरीर में एसिड लोड बढ़ जाता है। जिसके कारण यूरिक एसिड की मात्रा भी, हमारे शरीर में बढ़ जाती है।

2. अल्कोहल के सेवन से बचें – अल्कोहल हमारे पोषक तत्व में बाधक बनता है। इसके साथ ही, इसके कारण डिहाइड्रेशन भी होता है। यूरिक एसिड के कारण जोड़ो में सूजन होती है। जिसे यह बढ़ाने का काम करता है। जब आप शराब पीते हैं। 

       तो आपका शरीर सबसे पहले पेशाब के रास्ते, अल्कोहल को बाहर निकालने की कोशिश करता है। यूरिक एसिड को बाद में शरीर से बाहर निकलता है। जिसके कारण शरीर से यूरिक एसिड को पूरी मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाता। इस वजह से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है। वही बीयर में प्यूरिन की मात्रा भी ज्यादा होती है।

3. तले-भुने व मसालेदार चीजों से बचें – बहुत ज्यादा तली-भुनी व मसालेदार चीजें को खाने से बचें। यह भी आपके यूरिक एसिड की समस्या को बढ़ा सकता है।

4. अधिक मात्रा में नमक के प्रयोग से बचें – अगर आप नमक अधिक मात्रा में खाते हैं। तो इससे भी बचना चाहिए। क्योंकि अधिक मात्रा में नमक का प्रयोग करने से, हमारे शरीर में जो non-degradable प्रोटीन होते हैं। वह इस अधिक मात्रा में नमक को हटाने में प्रयोग होने लगेगा। जिसके कारण हमारे शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बनेगा।

5. ट्रांस फैट पदार्थों को खाने से बचें – वनस्पति घी में अधिक मात्रा में ट्रांसफैट पाया जाता है। इसलिए वनस्पति घी से बने से बनी चीजों को खाने से बचें। बाजार में मिलने वाली अधिकतर तली-भुनी चीजें वनस्पति घी से बनी होती है। यह ट्रांसफैट यूरिक एसिड को बढ़ाने में बहुत जिम्मेदार होता है। इसलिए इन्हें खाने से बचें।

6. कृत्रिम शुगर वाली ड्रिंक पीने से बचें – ऐसे ड्रिंक्स जिसमें बहुत ज्यादा मात्रा में artificial sweetener का प्रयोग किया जाता है। क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में फ्रक्टोज़ और कुछ सिरफ जैसी चीजें होती हैं। जिनमें सोडा, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स शामिल होती है। जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसलिए इनको पीने से बचें।

यूरिक एसिड में चावल खाना चाहिए या नहीं

 चावल की गिनती साबुत अनाजों में की जाती है। इसके सेवन से यूरिक एसिड के मरीजों को परहेज करना चाहिए। यह हमारे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा, तो बढ़ाते ही हैं। इसके साथ ही वजन बढ़ने का खतरा भी होता है। चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू ज्यादा होता है। इसलिए इनके सेवन से परहेज करना चाहिए। ज्यादा चावल खाने से मोटापा बढ़ता है।

       ऐसा माना जाता है कि जो लोग जरूरत से ज्यादा चावल खाते हैं। उनका वजन तेजी से बढ़ता है। जो लोग मोटापे से ग्रसित होते हैं। उनमें यूरिक एसिड के उच्च स्तर यानी हाइपरयुरिसीमिया ज्यादा देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह में एक या दो बार चावल खाने से कोई दिक्कत नहीं होती है। जबकि रात के समय चावल खाना हानिकारक होता है।

यूरिक एसिड में बादाम खाना चाहिए

 बादाम वास्तविकता में उच्च प्रोटीन युक्त फूड की श्रेणी में आता है। जिसे डॉक्टर अक्सर खाने से मना करते हैं। लेकिन आप बादाम खा सकते हो, क्योंकि इसमें यूरिक एसिड या प्यूरीन बहुत कम मात्रा में होता है। इसके साथ ही आपको इससे बहुत सारा फाइबर मिलता है। प्रोटीन कैल्शियम, मैग्नीशियम, फोलेट मिलता है। यह combination कुल मिलाकर, आपको फायदा पहुंचाता है।

     प्यूरिन की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए आप बादाम खा सकते हो। बादाम खाने से आपका वेट कम होगा। फाइबर व  डाइजेशन से संबंधित समस्याओं को दूर करता है। लेकिन अगर हो सके, तो आपको  रोस्टेड बादाम खाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि आपको बदाम ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए।

यूरिक एसिड में दूध पीना चाहिए कि नहीं

अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है। तो भी आप दूध पी सकते हैं। रिसर्च से पता चलता है कि कम फैट वाला दूध पीने से, न सिर्फ यूरिक एसिड का लेवल कम होता है। बल्कि इससे यूरिक एसिड, पेशाब के रास्ते बाहर भी निकलता है। इसलिए आप कम फैट वाला दूध पी सकते हैं। कम फैट वाला दही भी खा सकते हैं। वही कम  वाले दूध से बने पनीर को भी खा सकते हैं।

यूरिक एसिड की रामबाण दवा

 यूरिक एसिड की समस्या हमारी लाइफ स्टाइल व खानपान से जुड़ी हुई है। अगर आपको किसी टेस्ट रिपोर्ट में पहले ही पता लग जाए कि आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है। तो ऐसे इग्नोर ना करें। वरना यह समस्या आगे गंभीर होती जाएगी। इस समस्या से आप कुछ घरेलू उपाय द्वारा भी छुटकारा पा सकते हैं।

1. इसके लिए आपको 50 ग्राम अजवाइन व 50 ग्राम काली मिर्च लेनी है। अब इन दोनों को पीसकर अच्छे से मिला लें। फिर इसे किसी कांच के एयरटाइट बर्तन में रख ले। अब सुबह एक गिलास लौकी का जूस बना ले। लौकी का जूस बनाने से पहले जांच लें कि यह कड़वी नहीं हो। अगर लौकी कड़वी नहीं है। तो इसका मतलब इसमें इंजेक्शन नहीं लगा है।

       यह आपके लिए फायदेमंद होगी। अब इसमें आधा चम्मच अजवाइन व काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर, रोज सुबह खाली पेट पिए। इसके 1 घंटे बाद तक, आपको कुछ भी नहीं खाना है। अब शाम को आपको एक-चौथाई चम्मच गिलोय सत्त्व को सादे पानी के साथ लेना हैं। इन दोनों चीजों को सुबह-शाम नियमित प्रयोग करना शुरू करें। 7 से 15 दिन के अंदर ही, आपका यूरिक एसिड सामान्य हो जाएगा।

2. इस घरेलू नुख्से को बनाने के लिए, आपको अजवाइन व कसा हुआ अदरक एक-एक चम्मच लेना है। अब इसे एक गिलास पानी में, तब तक खौलाएं। जब तक यह एक चौथाई न रह जाए। फिर इसे छानकर अलग कर ले। अब इसका आधा पानी, आपको सुबह नाश्ता करने के आधे घंटे बाद लेना है। बाकी आधा बचा पानी रात को खाना खाने के आधे घंटे बाद लेना है।

      ऐसा आपको लगातार 21 दिन तक करना चाहिए। इसके नियमित प्रयोग से, आपके जोड़ों का दर्द, सूजन व यूरिक एसिड होगी। यह ड्रिंक आपके शरीर से toxins व uric acid को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके साथ ही अजवाइन व अदरक दोनों ही anti-inflammatory गुण पाए जाते हैं। जो आपके शरीर से सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

3. इस घरेलू उपाय के लिए, आपको तेजपत्ता लेना है। इसमें बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं। यह हमारे शरीर में किसी भी तरीके के infection को दूर करता है। यह विटामिन सी से भरपूर होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है। इसमें फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं।

      जो ब्लड शुगर व यूरिक एसिड को भी नियंत्रित करते है। इन पत्तों में anti-inflammatory गुण पाया जाता है। जो यूरिक एसिड से होने वाली, सूजन व दर्द को खत्म करता है। इसमें पाए जाने वाला विटामिन सी, हमारे रक्त में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। एक पत्ता हमारे मेटाबॉलिज्म को भी improve  करता है। यानी कि शरीर में फैट बनने की प्रक्रिया को कम करता है।

     इसे weight loss में भी प्रयोग किया जा सकता है। तेज पत्ते का इस्तेमाल करने के लिए, पहले से छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। अब लगभग 3 गिलास पानी में इन पत्तों के टुकड़े डालकर, इसे तब तक उबालें। जब तक यह पानी आधा न रह जाए। इससे  पत्ते में मौजूद सारे गुण पानी में आ जाते हैं।

       अब इसको छानकर अलग कर लें। फिर इसका आधा पानी सुबह खाली पेट पीना है। शेष आधा पानी रात को खाना खाने से आधे घंटे पहले पीना है। ऐसा आपको 3 सप्ताह तक नियमित करना चाहिए। जिससे आपको यूरिक एसिड व अन्य टॉक्सिंस से निजात मिल जाएगी।

 

Disclaimer 

     लेख में सुझाए गए tips और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले, किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। myhealthguru इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

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