Uric Acid in Hindi | यूरिक एसिड नार्मल रेंज | यूरिक एसिड के लक्षण

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   यह एक ऐसा रोग है। जो गुपचुप तरीके से, हमारे शरीर में प्रवेश करता है। यह भी कहा जा सकता है कि यह कोई रोग नहीं है। बल्कि एक क्रिया है। जिसके कारण हम, कुछ रोगों के गिरफ्त में आ जाते हैं। यह यूरिक एसिड होता है। यूरिक एसिड एक ऐसी समस्या है। जिससे आज लगभग हर व्यक्ति जूझ रहा है। यह समस्या अक्सर  व्यक्ति के जोड़ों के दर्द के रूप में देखी जाती है।

         खास तौर पर बढ़ती उम्र के साथ,  यह समस्या आम होती है। वैसे तो यह हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। हमारी रक्त वाहिकाओं को शक्तिशाली बनाने में फायदेमंद होता है। लेकिन जब हमारे शरीर में, इसकी अत्यधिक मात्रा हो जाती है। तो यह अनेक प्रकार के रोगों को जन्म देता है।

        यूरिक एसिड शरीर में खून के जरिए, किडनी तक पहुंचता है। ज्यादातर समय यूरिन के जरिए, यह यूरिक एसिड शरीर के बाहर निकल जाता है। लेकिन वही कुछ मामलों में, जब यूरिक एसिड शरीर से बाहर नहीं निकल पाता हैं। तब इसकी अधिकता हो जाने पर, कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इससे गठिया रोग, जोड़ों में दर्द, गाउट और सूजन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती है।

       यूरिक एसिड कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन जैसे तत्वों से मिलकर बना एक तत्व होता है। जो शरीर को प्रोटीन से, अमीनो एसिड के रूप में प्राप्त होता है। इस तरह यूरिया, यूरिक एसिड में बदलकर,  हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है। हड्डियों के बीच यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने पर, गाउट हो जाता है। जो एक प्रकार का गठिया रोग ही होता है। जिसके कारण शरीर के जोड़ों में, बहुत दर्द रहने रहता है।

      शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना, वास्तविकता में एक गंभीर समस्या है। लेकिन आमतौर पर लोग, इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। आजकल लोग इसका टेस्ट करवाते हैं। अगर इसकी रेंज थोड़ी-सी भी ज्यादा आती है। तो वह इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यह लापरवाही घातक भी हो सकती है। इसलिए हमें इस विषय को समझना व इसके प्रति जागरूक होना आवश्यक है।

Uric Acid in Hindi

यूरिक एसिड क्या है

 यूरिक एसिड एक प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाला केमिकल है। जो पूरी तरह से प्रोटीन अपघटित होने के बाद, उत्पन्न होता है। यूरिक एसिड का रासायनिक संघटन C₅H₄N₄O₃ होता है। यह एक प्यूरीन आधारित एम्योनोइड होता है। यह मूल रूप से मनुष्य के मूत्र में पाया जाता है। यूरिक एसिड मुख्य रूप से प्यूरीन मेटाबोलिज़म के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है।

       यूरिक एसिड हमारे खून में मौजूद, एक अपशिष्ट पदार्थ (waste product) होता है। जो हमारे खाना खाने के बाद बनता है। हमारे भोजन के अंदर, कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं। जिनमें प्यूरीन पाया जाता है। खाने को पचाने की प्रक्रिया के दौरान, जब खाने में मौजूद यह प्यूरीन टूटता है। तो उससे यूरिक एसिड निकलता है।

     मटर, पालक, मशरूम, सूखे सेब, मछली, चिकन, मटन, फूलगोभी, राजमा और बीयर इन सभी में प्यूरीन पाया जाता है। हमारे शरीर में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करती है। फिर पेशाब के जरिए, उसे शरीर से बाहर निकाल देती है।

यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है

  जब कोई व्यक्ति अपने भोजन में, अधिक मात्रा में प्यूरीन का सेवन करता है। तो शरीर उस अनुपात में, यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकल पाता। जिसके कारण शरीर में, यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है। इस condition को Hyperuricemia कहा जाता है। ये हमारे शरीर से निकलने के बजाय, हमारे joints और tissues में जमा होना शुरू हो जाता है।

      जब यह काफी लंबे समय तक, हमारे शरीर के joints में, अपनी जगह बना लेता है। तब हमारे जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। जिसे सामान्यतया gout के रूप में जाना जाता है। यह बीमारी आमतौर पर, 40 साल के बाद देखी जाती है। यह यहीं तक सीमित नहीं रहता। बल्कि हमारी किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यूरिक एसिड किडनी में जमकर, पथरी का निर्माण करता है।

      हमारे शरीर में यूरिक एसिड जमा होने के कुछ कारण health disorders भी हो सकते हैं। डायबिटीज, किडनी से संबंधित बीमारी, कुछ प्रकार के कैंसर, कीमोथेरेपी हाइपोथाइरॉएडिज्म और कुछ सोरायसिस जैसे त्वचा रोगों के कारण भी, शरीर में यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है। इसके अलावा हमारे शरीर में यूरिक एसिड इकट्ठा होने के और भी कई कारण हो सकते हैं।

     जिनमें मोटापा, प्यूरीन वाली चीजों का अधिक सेवन, फैमिली हिस्ट्री, तनाव जैसे कई कारण यूरिक एसिड होने की मुख्य वजह मानी जाती है। शरीर में यूरिक एसिड कम होने और बढ़ने के लक्षण, हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है। तो हमारा शरीर, कुछ ऐसे संकेत देने लगता है। जिनसे इसकी पहचान की जा सकती है।

यूरिक एसिड टेस्ट

यूरिक एसिड की जांच कब करवाई जाती है। इसके द्वारा हम जान सकते हैं कि हमारे ब्लड में, यूरिक एसिड की कितनी मात्रा है।

1. Help Diagnose Gout – जब आपको गठिया रोग की समस्या होती है। तो उसको जांचने के लिए, कि यह बीमारी कितनी severe है। इसको डायग्नोज करने के लिए, यूरिक एसिड की जांच करवाई जाती है।

2. Check for Kidney Stone –  किडनी के फंक्शन को जांचने के लिए, कि आपकी किडनी सही से काम कर रही है। अगर किसी को, किडनी में पथरी की शिकायत हैं। तो इसका पता लगाने के लिए, यूरिक एसिड की जांच करवाई जाती है।

3. Check if Medicine are Working – यदि आप कोई गाउट या कटिया की दवा ले रहे हैं। तो यह पता लगाने के लिए, कि यह ठीक से काम कर रही है, या नहीं। उसके लिए भी इसका टेस्ट करवाया जाता हैं।

4. Check for Uric Acid Level in Patients on Chemotherapy or Radiation – ऐसे मरीज जिनकी कीमोथेरेपी होने वाली होती है। इन परिस्थितियों में भी, पहले यूरिक एसिड का टेस्ट करवाया जाता है।

     यूरिक एसिड का टेस्ट 2 तरीकों से होता है। एक पैथोलॉजिकल टेस्ट होता है, जो लैब में होता है। यह सीरम व प्लाज्मा में होता है। इसके लिए, आपको फास्टिंग करने की जरूरत नहीं होती है। यह टेस्ट आपके ब्लड के द्वारा या यूरिन के द्वारा हो सकता है। 

      इसमें पेशेंट के ब्लड या यूरिन का सैंपल लिया जाता है। फिर उसे लैब में जांच के लिए भेजा जाता है। बस सावधानी इतनी रखनी होती है कि आपको इसके पहले कोई heavy exercise नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इससे आपके यूरिक एसिड का लेबल बढ़ सकता है।

यूरिक एसिड नार्मल रेंज

     यूरिक एसिड का सामान्य स्तर महिला व पुरुषों में अलग-अलग होता है। इसको नापने की इकाई mg/dl होती है। यानी आपके यूरिक एसिड का लेबल कितने मिलीग्राम प्रति डेसी लीटर है। इस इकाई से रक्त में ग्लूकोज के स्तर को भी मापा जाता है।

यूरिक एसिड का स्तर

लिङ्ग के अनुसार

सामान्य स्तर

महिलाओं में

2.4 से 6.0 mg/dl

पुरुषों में

3.4 से 7.0 mg/dl

यूरिक एसिड हाई लेवल

अगर यूरिक एसिड का स्तर महिलाओं में 6.0 mg/dl से ज्यादा और पुरुषों में 7.0 mg/dl से ज्यादा होता है। तो इसे Hyperuricemia कहा जाता है। Hyperuricemia होने के, किसी भी व्यक्ति में क्या कारण हो सकते हैं। इसके मुख्य रूप से तीन कारण हो सकते हैं-

पहला – आपके शरीर में प्यूरिन का  मेटाबोलिज्म बढ़ गया है। यानी आपके शरीर में प्यूरिन ज्यादा produce हो रहा है। जिसके कारण यूरिक एसिड भी ज्यादा produce होगा।

दूसरा – किडनी खराब हो रही है। जिसके कारण, वह यूरिक एसिड बाहर नहीं निकाल पा रही है। 

तीसरा – आपके भोजन में न्यूक्लिक एसिड या प्यूरिन की ज्यादा मात्रा है। जिसके कारण यूरिक एसिड बढ़ रहा है।

यूरिक एसिड के लक्षण
Uric Acid Symptoms in Hindi

यूरिक एसिड के शरीर में बढ़ने की वजह से कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं। कैसे हम जानेंगे कि व्यक्ति के शरीर में, यूरिक एसिड का स्तर बढ़ रहा है। यूरिक एसिड हमारे रक्त में पाया जाने वाला, एक अपशिष्ट पदार्थ होता है। जब हमारी किडनी इसे छानकर, शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती है। तो यह हमारे शरीर के जोडों में  इकट्ठा होकर, कुछ symptoms को दर्शाता है। जो इस प्रकार हैं-

1. Inflammation in Joints – हमारे शरीर के जो भी joints होते हैं। चाहे वह पैर या हाथ की उंगलियों के जोड़, कलाई, कोहनी, पैर के घुटनों हो। वहां पर सूजन दिखाई पड़ने लगती है।

2. Joints Pain – इस सूजन के कारण, इन जोड़ों की मसल्स को move करने में दिक्कत होती है। यानी कि जोड़ों में दर्द की समस्या उत्पन्न होगी।

3. Stiffness in Muscles – इसमें हमारे जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। इनमें एक तरह से अकड़न जैसी हो जाती है। जिसके कारण घुटनों को मोड़ने व फैलाने में दर्द होता है। यह समस्या यूरिक एसिड के बढ़ने की वजह से होती है। सामान्यतया यह 40 वर्ष की उम्र के बाद दिखाई पड़ती है।

4. Difficulty in Movement of Joints – इसमें व्यक्ति को joints के movement करने में दिक्कत होती है। व्यक्ति को हाथ-पैर फैलाने व हिलाने डुलाने में बहुत दर्द होता है। यह दर्द चुभन वाला होता है। व्यक्ति को महसूस होता है। कि जैसे वहां पर कोई सुई चुभा रहा है।

5. Gout की समस्या – व्यक्ति को गठिया रोग हो जाता है। यह रोग शरीर के जोड़ों में, यूरिक एसिड के जमने की वजह से होता है। जिसके कारण व्यक्ति को हाथ-पैर हिलाने डुलाने में दिक्कत होती है। इसे ही गठिया रोग कहते हैं।

6. Arthritis की समस्या – अर्थराइटिस में व्यक्ति के जोड़ों में सूजन आ जाती है। यह भी यूरिक एसिड बढ़ने की वजह से होता है। अर्थराइटिस दो प्रकार के होते हैं। एक acute arthritis होता है। इसमें शरीर का कोई एक जोड़ ही प्रभावित होता है। यानी यह अर्थराइटिस के शुरुआती अवस्था होती है। जिसको हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। हमें लगता है कि अर्थराइटिस या गठिया होने पर, शरीर के सारे जोड़ों में दर्द होगा। 

         यह दर्द प्रायः पैर के अंगूठे से शुरू होता है। इसमें रात में सबसे ज्यादा दर्द होता है। दूसरा chronic arthritis होता है। इसमें शरीर के सभी जोड़ों में सूजन व दर्द होता है। इसलिए acute arthritis होने पर ही हमें ध्यान देना चाहिए। वरना यह समस्या इतनी बड़ी हो जाती है। कि इसको ठीक करना मुश्किल हो जाता है।

7. Tophi Gout का होना – इसमें हमारे जॉइंट से बहुत ज्यादा सूजन आने लगती है। हमारे सभी जॉइंट में अत्यधिक inflammation देखने को मिलता है। जिसे स्पष्ट रूप से देखा जाना जा सकता है। इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

8. Redness in Joints – जब हमारे जॉइंट में सूजन व दर्द होता है। तो यहां पर त्वचा में, लालिमा देखने को मिलती है। यहां की skin का कलर बदल जाता है। जब यह सारे लक्षण, किसी व्यक्ति के शरीर में दिखाइए देने लगते हैं। तो व्यक्ति के शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है।

       सामान्यतया इसके लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते हैं। अगर दिखाई भी देते हैं। तो व्यक्ति इस पर ध्यान नहीं देता है। जिसके कारण लंबे समय तक, ब्लड में यूरिक एसिड बढ़ता चला जाता है। तब यह लक्षण पूर्ण रुप से दिखाई देने लगते हैं। इसलिए जरा-सा भी संदेह होने पर, यूरिक एसिड की जांच अवश्य करवानी चाहिए। ताकि समय रहते, इसका पता लगाया जा सके। फिर इसे ठीक करने के कारगर उपाय किए जा सकें।

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